Latest posts

  • अस्तित्ववाद

    दर्शन एवं साहित्य की प्रमुख विचारधारा ‘अस्तित्ववाद’ (Existentialism) का संपूर्ण और विस्तृत अध्ययन। इस लेख में अस्तित्ववाद का अर्थ, पृष्ठभूमि, प्रमुख प्रवर्तक (कीर्केगार्ड, नीत्शे, सार्त्र, कामू), आस्तिक एवं नास्तिक अस्तित्ववाद में अंतर, इसके मुख्य सिद्धांत तथा वेदना, पीड़ा व स्वतंत्रता संबंधी प्रमुख विशेषताओं को आसान भाषा में समझाया गया है।

    Read more

  • लौंजाइनस का उदात्त तत्व

    पाश्चात्य काव्यशास्त्र में लौंजाइनस के ‘उदात्त तत्व’ (Theory of Sublime / Peri Hupsous) का संपूर्ण और स्पष्ट अध्ययन। जानिए उदात्त का अर्थ, इसके अंतरंग एवं बहिरंग तत्व, काव्य में अलंकारों और भाषा की भूमिका, औदात्य के विरोधी तत्व तथा इस सिद्धांत की प्रमुख उपलब्धियां एवं सीमाएं जो हिंदी साहित्य (BA/MA/NET-JRF) की परीक्षाओं के लिए अति…

    Read more

  • टी. एस. इलियट (थॉमस स्टर्न्स इलियट)

    20वीं सदी के महान कवि, आलोचक और नाटककार टी.एस. एलियट (T.S. Eliot) के प्रसिद्ध आलोचनात्मक सिद्धांत ‘परंपरा और वैयक्तिक प्रज्ञा’ (Tradition and the Individual Talent) की विस्तृत व्याख्या। इस लेख में परंपरा का अर्थ, साहित्य में उसका महत्व, कला की निर्वैयक्तिकता का सिद्धांत, कविता के तीन स्वर तथा वैयक्तिक प्रज्ञा और परंपरा के आपसी संबंध…

    Read more

  • आई.ए.रिचर्ड्स – काव्य मूल्य का सिद्धांत

    आई.ए.रिचर्ड्स – काव्य मूल्य का सिद्धांत

    Read more

  • होरेस का औचित्य सिद्धान्त

    यह पाठ्य सामग्री प्रसिद्ध इटालियन काव्यशास्त्री और समालोचक होरेस के औचित्य सिद्धान्त (Horace’s Theory of Decorum) का एक विस्तृत और प्रामाणिक अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें होरेस के जीवन परिचय, उनकी प्रमुख कृति ‘आर्स पोइतिका’ (Ars Poetica) और उनके काव्यशास्त्रीय विचारों का गहन विश्लेषण शामिल है।

    Read more

  • अरस्तू का विरेचन – सिद्धांत

    अरस्तू (Aristotle) के विरेचन सिद्धांत (Catharsis Theory) की सम्पूर्ण व्याख्या हिंदी में। इस लेख में विरेचन का अर्थ, इसके तीन मुख्य रूप (धर्मपरक, नीतिपरक और कलापरक अर्थ), प्रमुख आक्षेप तथा इसके निष्कर्ष व महत्व का विस्तृत और सरल विवेचन किया गया है। हिंदी साहित्य और काव्यशास्त्र के विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी गाइड।

    Read more

  • अरस्तू का अनुकरण सिद्धांत

    यह दस्तावेज़ यूनानी दार्शनिक अरस्तू (Aristotle) के “अनुकरण सिद्धांत” (Theory of Mimesis / Imitation) पर आधारित एक संपूर्ण और क्रमानुसार हिंदी अध्ययन नोट्स (Study Notes) है। इसमें अरस्तू और प्लेटो के वैचारिक मतभेदों, काव्य एवं कला में अनुकरण की अवधारणा, सृजन प्रक्रिया और प्रकृति से इसके संबंध तथा कॉलरिज और क्रोचे जैसे पाश्चात्य आलोचकों द्वारा…

    Read more

  • प्लेटो का आदर्शवाद एवं काव्य सत्य

    प्लेटो का आदर्शवाद एवं काव्य सत्य (Plato’s Idealism and Poetic Truth) पर आधारित विस्तृत हिंदी नोट्स। इसमें प्लेटो के अनुसार वस्तु के तीन रूप (आदर्श, वास्तविक, अनुकृत), काव्य की सामाजिक उपयोगिता, अनुकरण सिद्धांत, पलंग एवं चित्रकार के उदाहरण द्वारा सत्य की व्याख्या, तथा प्लेटो के काव्य-विचारों की समीक्षा और आदर्श राज्य की अवधारणा का संपूर्ण…

    Read more

  • काव्य हेतु — संस्कृत आचार्यों के मत

    काव्य हेतु — संस्कृत आचार्यों के मत

    काव्य हेतु क्या है? जानिए भामह, दण्डी, वामन, रुद्रट, राजशेखर, मम्मट सहित प्रमुख संस्कृत आचार्यों के काव्य हेतु संबंधी मत।

    Read more